सुभाष चंद्रा

Subhash Chandra Biography in Hindi
subhash chandra
स्रोत: http://www.forbes.com/lists/2011/77/india-billionaires-11_Subhash-Chandra_ZMYU.html

जन्म : 30 नवंबर, 1950, हिसार, हरियाणा

व्यवसाय/कार्य/पद : चेयरमैन ऑफ एस्सेल गु्रप

डॉ सुभाष चंद्रा, जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड के अध्यक्ष और एस्सेल समूह कंपनियों के प्रमोटर, भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं। उन्होंने लगातार नए व्यवसायों की पहचान कर और उन्हें सफल बनाकर अपनी कुशलता और क्षमता का प्रदर्शन किया है। भारत के मीडिया टायकून के नाम से मशहूर, सुभाष चंद्रा किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्हें भारत में सेटेलाइट टेलीविजन क्रांति का जनक माना जाता है। उनकी जीवन की कहानी जर्रे से आफताब बनने की कहानी जैसी है। आज उनका ज़ी एंटरटेनमेंट, लगभग 70 चैनलों के मध्यम से दुनिया के 167 देशों के कुल 73 करोड़ दर्शकों तक पहुँचता है।

प्रारंभिक जीवन

सुभाष चंद्रा का जन्म हरियाणा के हिसार जिले में 30 नवंबर 1950 को हुआ था। उनको बचपन से ही पढ़ाई में कोई रूचि नहीं थी और कक्षा 12 के बाद ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। व्यवसायी कुल में पैदा होने के कारण उन्हें शुरू से ही अपना व्यवसाय स्थापित करने का नशा था।

कैरियर

खुद के व्यवसाय का ऐसा नशा था कि मात्र 19 साल की उम्र में उन्होंने वेजिटेबल ऑयल बनाने की यूनिट लगाई और कारोबार शुरू किया। इसके बाद वो चावल का व्यापार करने लगे और फिर अनाज एक्सपोर्ट के व्यवसाय में लग गए। वर्ष 1981 में एक पैकेजिंग एग्जिबिशन के दौरान सुभाष चंद्रा को पैकेजिंग कंपनी बनाने का ख्याल आया और फिर क्या था उन्होंने कंपनी बनाई और धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ता गया। इसके बाद वे अपने जीवन के सबसे सफल – ब्रॉडकास्टिंग के बिजनेस में उतर गए। 2 अक्टूबर,1992 में उन्होंने जी टीवी के नाम से भारत का पहला प्राइवेट सेटेलाइट चैनल शुरू किया। इसके बाद ज़ी समूह ने एक के बाद एक कई चैनेल शुरू किये।

ज़ी टीवी के शुभारंभ के बाद उन्होंने वर्ष 1995 में ‘सिटीकेबल’ शुरू किया और फिर दो नए चैनल, जी न्यूज और ज़ी सिनेमा, का शुभारंभ 1995 में न्यूज कॉर्प के साथ मिलकर कर दिया। वर्ष 2000 में ज़ी टीवी केबल के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन देने वाली पहली केबल कंपनी बन गयी। ज़ी टीवी वर्ष 2003 में सॅटॅलाइट के माध्यम से ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) सेवा देने वाली पहली कंपनी बन गयी।

सुभाष चंद्रा के प्रमुख व्यवसाय इस प्रकार से हैं: टेलीविजन नेटवर्क (जी), एक समाचार पत्र श्रृंखला (डीएनए), केबल सिस्टम (वायर एंड वायरलेस लिमिटेड), डायरेक्ट-टू-होम (डिश टीवी), उपग्रह संचार (Agrani और Procall), थीम पार्क (एस्सेल वर्ल्ड और वाटर किंगडम), ऑनलाइन गेमिंग (प्लेविन), शिक्षा (ज़ी लर्न), फ्लेक्सिबल पैकेजिंग (एस्सेल प्रोपैक), बुनियादी ढांचे के विकास (एस्सेल इन्फ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड) और परिवार के मनोरंजन केंद्र (फन सिनेमाज)।

आज सुभाष चंद्रा देश के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं, लेकिन जिस समाज से उन्हें इतना कुछ मिला उसके लिए बहुत कार्य भी करते हैं। वर्ष 1996 में चंद्रा ने मल्टीमीडिया तालीम ( ट्रांसनेशनल अल्टेरनेटे लर्निंग फॉर एमैन्सिपेसन एंड एम्पावरमेंट थ्रू मल्टीमीडिया ) की स्थापना की। इसका उद्देश्य ओपन लर्निंग के माध्यम से अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना है। चंद्रा ग्लोब विपाश्ना फाउंडेशन के प्रेसिडेंट भी हैं। वे भारत में एकल विद्यालय फाउंडेशन के चेयरमैन भी हैं – यह एक धर्मार्थ संस्थान है, जो भारत में एकल विद्यालय का संचालन करता है। इसका उद्देश्य भारत के ग्रामीण और आदिवासी इलाके से शिक्षा का प्रचार प्रसार करना है। इसके माध्यम से लगभग 40000 गावों के 11 लाख से भी ज्यादा आदिवासी छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। चंद्रा अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन सिविलाइज्ड हारमोनी के संस्थापक चेयरमैन हैं।

अभी हाल के समय ने ज़ी समूह ने ‘ज़िन्दगी’ नाम का एक नया चैनल शुरू किया है जो मुख्यतः पाकिस्तान में प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों/सीरियल आदि दिकहता है। इसके अलावा ज़ी ने जनवरी 2015 में एक नया मनोरंजन चैनल  &टीवी शुरू किया। ग्रुप के वैलनेस चैनल (वेरिआ) को ‘ज़ी लिविंग’ का नाम दिया गया है। वर्ष 2000 तक ज़ी टीवी समूह का लक्ष्य लगभग 100 करोड़ दर्शकों तक पहुंचना है। सुभाष चंद्रा संपूर्ण भारत में 50000 से ऊपर ATMs खोलने का विचार भी बना रहे हैं।